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I’ve pledged shares and received collateral margin, but funds statement reflect a debit balance. Does the debit balance attract any delayed charges?

(हिंदी में पढ़ें)

The funds statement won't include collateral margins as the collateral margin provided is not added or removed from the balance in your trading account.

Since the Collateral margin is not included in the funds statement, there are instances where your ledger will show the debit balance when you’ve utilised collateral margin for taking a position.

Here is a quick example-

Position - Long Nifty Futures

Margin required - Rs.1,50,000/-

You have:

Opening Balance on Kite: Rs. 70,000/-

Collateral from Liquid funds: 45,000/- (Cash Equivalent)

Collateral from equities: 60,000/-

As per regulations, 50% of the margins blocked for overnight derivative positions has to come in the form of cash or cash equivalent. The other 50% of the margin requirement can come from other non-cash equivalent collateral margins (margins received by pledging liquid funds are considered cash equivalent).

Fund utilization is as below -

Component Available for use (INR) Utilized (INR) Balance (INR)
Opening Balance(Cash) 70,000 45,000 25,000
Cash Equivalent 45,000 45,000 0
Collateral margin 60,000 60,000 0
Total Margin Collected
1,50,000

The withdrawable balance is -

Opening balance - utilized amount

70,000 - 45,000

=Rs.25,000/-

Since the collateral margin is not included in the funds, the funds statement will show

Margin required for position - Cash available i.e. the opening balance

=1,50,000 - 70,000

= (80,000)

Please note, delayed payment charges won’t be charged on this debit balance of 80,000.

मैंने शेयर को गिरवी रखा हैं और उसके लिए मुझे कोलैटरल मार्जिन मिला है, लेकिन फंड स्टेटमेंट में डेबिट बैलेंस है। क्या डेबिट बैलेंस पर कोई डिलैड चार्जेस लगेंगे ?

फण्ड स्टेटमेंट में कोलैटरल मार्जिन शामिल नहीं होता है, क्योंकि जो आपको कोलैटरल मार्जिन मिलता है, आपके ट्रेडिंग अकाउंट बैलेंस में वह न तो जोड़े जातें हैं और न ही इसे डिलीट किये जातें है।

चूंकि कोलैटरल मार्जिन को फंड स्टेटमेंट में शामिल नहीं किया जाता है, ऐसा हो सकता हैं की आपका लेज़र डेबिट बैलेंस दिखाए जब आपने पोजीशन लेने के लिए कोलैटरल मार्जिन का इस्तेमाल किया है।

आए इसे एक उदाहरण से समझतें हैं-

पोज़ीशन - लॉन्ग Nifty फ्यूचर्स

मार्जिन की ज़रूरत - Rs.1,50,000/-

आपके पास है :

Kite पर ओपनिंग बैलेंस: Rs. 70,000/-

लिक्विड फंड से कोलैटरल : Rs 45,000/- (कैश के बराबर)

इक्विटी से कोलैटरल: 60,000/-

रेगुलेशन के अनुसार, ओवरनाइट डेरिवेटिव पोजीशन के लिए ब्लॉक्ड मार्जिन का 50% कैश या कैश के बराबर के रूप में आना चाहिए। जितनी मार्जिन की ज़रूरत है, उसका दूसरा 50% नॉन-कैश मार्जिन के बराबर मार्जिन को ला सकतें है (लिक्विड फंड को प्लेज करने पर मिले मार्जिन को कैश के बराबर माना जाता है)।

फंड का इस्तेमाल इस प्रकार है -

Component Available for use (INR) Utilized (INR) Balance (INR)
Opening Balance(Cash) 70,000 45,000 25,000
Cash Equivalent 45,000 45,000 0
Collateral margin 60,000 60,000 0
Total Margin Collected
1,50,000

विथड्रॉअबल बैलेंस है -

ओपनिंग बैलेंस - इस्तेमाल की गई अमाउंट

70,000 - 45,000

=Rs.25,000/-

चूंकि कोलैटरल मार्जिन को फंड में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए फंड स्टेटमेंट यह दिखाएगा

पोज़ीशन के लिए ज़रूरी मार्जिन- कैश उपलब्ध अर्थात ओपनिंग बैलेंस

=1,50,000 - 70,000

= (80,000)

कृपया ध्यान दें, इस डेबिट बैलेंस i.e Rs 80,000 पर डिलैड पेमेंट चार्जेस नहीं लिया जाएगा।