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What is a fractional share?

(हिंदी में पढ़ें)

A fractional share refers to a unit of stock that is less than one full share. Fractional shares arise due to stock splits, bonus shares and similar corporate actions. Fractional shares are not traded in the markets and hence can not be bought or sold in the market. To know more about corporate actions, check out this chapter from Varsity.

For example:

Suppose you have 9 shares of ABC Ltd, and the company announces 3 for 2 stock split, which means for every 2 stocks held, you are entitled to receive 3 shares. Therefore in this case you are entitled to receive 4.5 additional shares for the 9 shares you hold. After receiving the 4.5 shares, your total number of shares would 13.5.

Most companies tend to round up to the nearest whole number of shares when fractional shares occur. In this case, ABC Ltd can choose to round up 0.5 shares and leave you with 14 shares.

Fractional shares also arise when a company merges with another firm and the shares held by shareholders are unequal to the share swap (i.e. exchange) ratio fixed for the merger.

For Example:

Suppose you hold 29 shares of ABC Ltd, which has merged recently, and the new company (XYZ Ltd) comes out with an offer to provide the stock of XYZ in a proportion of one stock for every five stocks held (1:5). In this case, you can get only 5 shares(5*5 = 25) of the new company XYZ, while the remaining 4 shares of the old company ABC remains(29-25). In this case, you will be eligible for a fractional share of 0.8 (4 shares / 5 = 0.8) of XYZ.”

Can you sell fractional shares?

Since the fractional shares don’t trade in markets the company appoints a trustee to buy the fractional shares. The trustee then buys back those fractional shares from the investors and the proceeds are then credited to the primary bank account.

फ्रॅक्शनल शेयर क्या होता है?

फ्रॅक्शनल शेयर स्टॉक की एक यूनिट को रेफेर करता है, जो एक पुरे शेयर से कम होता है। फ्रॅक्शनल शेयर स्टॉक स्प्लिट, बोनस शेयर और इसी तरह की कॉर्पोरेट एक्शन के कारण होते हैं। फ्रॅक्शनल शेयर मार्केट में ट्रेड नहीं होता है और इसलिए इसे मार्केट में खरीदा या बेचा नहीं जा सकता है। कॉर्पोरेट एक्शन्स के बारे में अधिक जानने के लिए, Varsity के इस चैप्टर को देखें।

उदाहरण के लिए:

मान लीजिए कि आपके पास ABC लिमिटेड के 9 शेयर हैं, और कंपनी 3:2 रेश्यो के स्टॉक स्प्लिट की घोषणा करती है, जिसका यह मतलब है कि हर 2 स्टॉक के लिए जो आप होल्ड करते हैं, उसके लिए आपको 3 शेयर मिलेंगे। इसलिए आपके केस में आप को एडिशनल 4.5 शेयर मिलेगा, वह हर एक 9 शेयर्स के लिए जिसे आप होल्ड करते है। अब आपके पास कुल मिलकर 13.5 शेयर्स होंगे।

जब फ्रॅक्शनल शेयर होते हैं, तो बहुत सारी कंपनियां शेयरों को सबसे नज़दीक वाले नंबर में राउंड ऑफ कर देतीं हैं। इस केस में, ABC लिमिटेड 0.5 शेयरों को राउंड अप करने का ऑप्शन को चुन सकता है और आपको 14 शेयर्स दे सकता है।

फ्रॅक्शनल शेयर तब भी होते हैं जब कोई कंपनी किसी अन्य फर्म के साथ मर्ज करती है और शेयरहोल्डर्स द्वारा होल्ड किए गए शेयर मर्जर के लिए तय किए गए शेयर स्वैप (यानी एक्सचेंज) रेश्यो के बराबर नहीं होते हैं।

उदाहरण के लिए:

मान लीजिए कि आपके पास ABC लिमिटेड के 29 शेयर हैं, जो हाल ही में मर्ज हुआ है,और नई कंपनी (XYZ लिमिटेड) हर पांच शेयर्स जो आप होल्ड कर रहे हैं (1:5) उसके लिए XYZ कंपनी का एक स्टॉक दे रही है। ऐसे में आपको नई कंपनी XYZ के केवल 5 शेयर(5*5 = 25) मिल सकती हैं, जबकि पुरानी कंपनी ABC के बाकि 4 शेयर (29-25) रह जाते हैं। ऐसे में, आप XYZ के 0.8 (4 शेयर / 5 = 0.8) फ्रॅक्शनल शेयर के लिए एलिजिबल होंगे।"

क्या आप फ्रॅक्शनल शेयर बेच सकते हैं?

चूंकि फ्रॅक्शनल शेयर मार्किट में ट्रेड नहीं करते हैं, इसलिए कंपनी फ्रॅक्शनल शेयरों को खरीदने के लिए एक ट्रस्टी को अप्पॉइंट करती है। ट्रस्टी फिर इन्वेस्टर्स से उन फ्रॅक्शनल शेयरों को वापस से खरीद लेती  है और उस से मिले फण्ड को प्राइमरी बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर देती है।