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I see a Nudge on Zerodha saying margin penalty may apply for BTST. What does this mean?

(हिंदी में पढ़ें)

Click here to check the list of stocks where an ad-hoc margin is currently applicable. 

As per the upfront margin rules, if you execute a trade without maintaining adequate margins in your account then a margin penalty may be levied on you. The margin collected can be in form of either funds or securities and for equity delivery transactions is 20% of the trade value in most cases.

Before we talk about the scenario where margin penalties may be applicable for BTST (Buy Today Sell Tomorrow) transactions, let's understand with help of an illustration how the upfront margin requirement is fulfilled in these transactions. 

Assume you have Rs. 10,000 in your trading account. On Monday, you bought 5 shares of Reliance at Rs. 2000 and on Tuesday you sold the 5 shares at Rs. 2100 each.

Buy Value = Rs. 10,000/-

Sell Value = Rs. 10,500/-

Margin required for buy transaction = 20% of Rs. 10,000 = Rs. 2,000/-

Margin required for sell transaction = 20% of Rs. 10,500 = Rs. 2,100/-

The Rs. 10,000 in your account is blocked immediately on Monday towards the purchase of Reliance shares. This is settled to the exchange on Wednesday (T+2 day). In the meantime, it can be considered as margin collected for your trades. On Monday the margin required is Rs. 2,000/- and on Tuesday it is Rs 4,100/- (i.e. 2000 + 2100). 

In some cases, the exchange may levy additional margin requirements for some shares in form of an ad-hoc margin. If the ad-hoc margin is higher than 30%, the overall margin required for a BTST trade will exceed the funds blocked from your account for the original purchase. 

In the above example, assume an ad-hoc margin of 40%. Then, 

Margin required for buy transaction = 60% of Rs. 10,000 = Rs. 6,000/-

Margin required for sell transaction = 60% of Rs. 10,500 = Rs. 6,300/-

The overall margin required on Tuesday will be Rs. 12,300 (60% of 10,000 + 60% of 10,500). If you only had Rs. 10,000 in your account when you purchased the Reliance shares, your available margins will be inadequate on Tuesday after selling and a penalty may be levied on you. The penalty amount depends on the amount of shortfall. Learn more.

मैंने Zerodha में एक Nudge (नज) देखा जिसमे ये कहा गया है की मार्जिन पेनल्टी लग सकती है।इसका क्या मतलब है?

जिन शेयर्स में एड- हॉक(ज्यादा मार्जिन) मार्जिन लग सकती है, उन शेयर्स की लेटेस्ट लिस्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये।

SEBI के अपफ्रंट मार्जिन के नियम के अनुसार, यदि आप अपने अकाउंट में बिना पर्याप्त मार्जिन रखे हुए कोई ट्रेड करते है, तो आपको मार्जिन पेनल्टी लग सकती है।

आपसे लिया गया मार्जिन या तो फंड या शेयर्स के रूप में हो सकता है और इक्विटी डिलीवरी के लिए ज्यादातर केसेस में मार्जिन रिक्वायरमेन्ट ट्रेडेड शेयर्स का 20% अमाउंट होता है।

इससे पहले कि हम उस स्थिति के बारे में बात करें जहां BTST(आज खरीदें कल बेचें या बाय टुडे सेल टुमारो) के लिए मार्जिन पेनल्टी लग सकती है, आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि इन ट्रेड्स में अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत  कैसे पूरी होती है।

मान लें कि आपके पास आपके ट्रेडिंग अकाउंट  में Rs 10,000 है सोमवार को आपने रिलायंस के 5 शेयर Rs. 2000 पर खरीदे और मंगलवार को आपने 5 शेयर Rs. 2100 पर बेच दिये।

बाय वैल्यू  = Rs. 10,000/-

सेल वैल्यू  = Rs. 10,500/-

रिलायंस शेयर ख़रीदने के लिए रिक्वायर्ड मार्जिन  = 20% of Rs. 10,000 = Rs. 2,000/-

रिलायंस शेयर बेचने के लिए रिक्वायर्ड मार्जिन = 20% of Rs. 10,500 = Rs. 2,100/-

रिलायंस शेयर्स को खरीदने के बाद आपके अकाउंट में Rs.10000/- सोमवार को ब्लॉक कर दिया गया था, यह अमाउंट बुधवार( T+2 दिन)को एक्सचेंज में सेटल किया जाता है, और यह पैसा 2 दिनों तक आपके शेयर खरीदने के कारण ब्लॉक रहेगा।सोमवार को 2,000/-की मार्जिन रिक्वारमेंट और मंगलवार को यह रिक्वारमेंट Rs 4,100/-(यानी 2000 + 2100) है।

कभी कभी एक्सचेंज इन शेयरों के लिए एड-हॉक मार्जिन के रूप में ज्यादा मार्जिन ब्लॉक कर सकता है।यदि एड-हॉक मार्जिन 30% से अधिक है, तो BTST ट्रेड के लिए रिक्वायर्ड मार्जिन आपके बॉय वैल्यू के लिए ब्लॉक फण्ड से ज्यादा हो जाएगी ।

ऊपर के उदाहरण में, 40% का एड-हॉक मार्जिन मान लें। फिर,

ख़रीदने के लिए रिक्वायर्ड मार्जिन = 60% of Rs. 10,000 = Rs. 6,000/-

बेचने के लिए रिक्वायर्ड मार्जिन = 60% of Rs. 10,500 = Rs. 6,300/-

मंगलवार को रिक्वायर्ड मार्जिन Rs. 12,300 होगा  (60% का  10,000 + 60% का 10,500)

जब आपने रिलायंस के शेयर खरीदे थे तब आपके अकाउंट में केवल Rs.10,000 था, लेकिन एड-हॉक मार्जिन लगने के बाद मार्जिन रिक्वारमेंट Rs. 12,300 थी, तो मंगलवार को बेचने के बाद आपका अवलेबल मार्जिन कम होगा और आप को पेनल्टी लग सकती है। पेनल्टी अमाउंट मार्जिन के शॉर्टफॉल अमाउंट पर लगेगा।