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The price of the stock and its futures contract is moving, but I see no price movement in the stock's option contracts. Why is this?

(हिंदी में पढ़ें)

The price movement occurs only if there is trading activity in a stock or a contract. If there is no price movement for the option you are looking at, that means there is no trading activity. To check the trading activity of any given instrument, it is important to check the Last Traded Time (LTT)

The LTT shows when a particular share or contract was last bought or sold. 

Here’s how the LTT can be seen on Kite:



A few things to be noted:

1. Bid and Offer - The bid and the offer prices could be moving, but the Last Traded Price (LTP) would not have moved at all. You will have to check the LTT for this. The bid & offer prices refer to the price at which you can transact. By default, the top 5 bid and ask prices are displayed in the market depth window at all times.
2. Charts - The charts generally show dashes for a particular option contract until trades happen after which the candles are formed. Do note, even if the bid and offer prices for the contract are moving, the charts only capture the LTP. Hence, it will show dashes until there is an LTP for this contract. Therefore, you will have to check the LTT. Learn more about Charting here
3. Index Options - In the case of Index Options like Nifty and BankNifty, when there is a sudden movement in the market, you might get an out of execution error. The option contract would be stuck. In this case, you will have to check the LTT.

स्टॉक और उसके फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट की कीमत बढ़ रही है, लेकिन मुझे स्टॉक के ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट में कोई प्राइस मूवमेंट नहीं दिख रहा है। ऐसा क्यों है?

कीमतों में उतार-चढ़ाव तभी होता है जब स्टॉक या कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेडिंग एक्टिविटी होता है। अगर आप जिस ऑप्शन को देख रहे हैं, उसमें कोई प्राइस मूवमेंट नहीं हो रहा है, तो इसका मतलब है कि कोई ट्रेडिंग एक्टिविटी नहीं है। किसी भी इंस्ट्रूमेंट की ट्रेडिंग एक्टिविटी को चेक करने के लिए, लास्ट ट्रेडेड टाइम (LTT) को चेक करना ज़रूरी है।

LTT से यह पता चलता है कि कोई विशेष शेयर या कॉन्ट्रैक्ट आखिरी बार कब खरीदा या बेचा गया था।

Kite पर LTT को कैसे देख सकतें हैं, उसको जानने के लिए यहाँ देखें :

ध्यान देने वाली कुछ बातें:

1.बिड और ऑफर - बिड और ऑफ़र की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन लास्ट ट्रेडेड प्राइस (LTP) बिल्कुल भी नहीं मूव हुआ होगा। इसके लिए आपको LTT चेक करना होगा। बिड और ऑफ़र प्राइस उस कीमत को रेफेर करता हैं जिस पर आप ट्रांसक्शन कर सकते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, टॉप 5 बिड और ऑफ़र प्राइस हर समय मार्केट डेप्थ विंडो में डिस्प्ले होते हैं।

2. चार्ट - चार्ट आमतौर पर एक विशेष ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट के लिए डैश दिखाते हैं जब तक कि ट्रेड नहीं होते हैं जिसके बाद कैंडल बनती हैं। ध्यान दें, भले ही कॉन्ट्रैक्ट के लिए बिड और ऑफ़र की कीमतें बढ़ रही हों, चार्ट केवल LTP को ही कैप्चर करता हैं। इसलिए, जब तक इस कॉन्ट्रैक्ट में LTP नहीं होता तब तक यह डैश ही दिखाएगा। इसलिए, आपको LTT को चेक करना होगा। चार्टिंग के बारे में और जानें के लिए यहाँ क्लिक करें।

3.इंडेक्स ऑप्शंस - Nifty और BankNifty जैसे इंडेक्स ऑप्शंस के केस में, जब मार्केट में अचानक कोई हलचल होती है, तो आपको आउट ऑफ एक्जिक्यूशन एरर मिल सकता है। ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट अटक जाएगा। ऐसे में आपको LTT को चेक करना होगा।