View all categories

What are limit and market orders?

(हिंदी में पढ़ें)

Limit Orders

A limit order allows you to buy or sell a stock at the price you have set or a better price. 

In other words, if you place a buy limit order at Rs 92, you want to buy the stock from the exchange only at Rs 92 or lower. You don't want to pay more than Rs 92. Similarly, if you place a sell limit order at Rs 95, you want to sell the stock at Rs 95 or higher.

The advantage of placing a limit order is that you can place buy/sell order at the desired price. However, there is a chance that your order may not get filled partially or completely depending upon if a counter order is available for some quantity or none at the price you’ve specified. 

Market Orders

A market order allows you to buy or sell a stock at the best available price. 

If you're placing a buy market order, you want to buy a specified quantity of stock from the exchange at any price available. Similarly, if you're placing a sell market order, you want to sell your stock at any price buyers are willing to give. 

The advantage of market orders is that your trade will execute as soon as it reaches the exchange if there are willing counterparties i.e. buyers for your sell market order or sellers for your buy market orders. However, the instant order execution comes at the cost of slippage (which means you could be paying slightly more money to buy or getting slightly less money to sell your stocks).

Important points:

  1. Limit orders placed at Rs 0 will be rejected on Kite. Earlier, a limit order at Rs 0 was placed as a market order on the exchange. 
  2. Your limit order will get executed as a market order if for your -
    • Buy limit order: limit price is more than the best offer price
    • Sell limit order: limit price is less than the best bid price

लिमिट आर्डर और मार्किट आर्डर क्या है?


लिमिट आर्डर एक तरह का आर्डर है जिस में कॉन्ट्रैक्ट को एक विशेष मूल्य पर खरीदते या बेचने का आर्डर प्लेस करते है। जब आप खरीद रहे हैं, तो आप अपने ब्रोकर को विशेष मूल्य से अधिक नहीं जाने का आर्डर देते हैं। और जब आप बेच रहे हैं तो आप अपने ब्रोकर को अपने विशेष मूल्य से नीचे न बेचने का आर्डर देते है।

लिमिट आर्डर प्लेस करने का यह फायदा है कि आप अपनी इक्छा अनुसार मूल्य पर ऑर्डर को खरीदने / बेचने का प्लेस कर सकते हैं। हालाँकि, हो सकता हो कि आपका ऑर्डर नहीं भरा गया हो क्योंकि आपके द्वारा विशेष मूल्य पर एक्सचेंज में काउंटर ऑर्डर नहीं होना चाहिए।

नोट:
  • जब खरीदने का लिमिट आर्डर को प्लेस करते हैं, तो एंटर की गई लिमिट मूल्य करंट मार्किट मूल्य से कम होनी चाहिए।
  • जब बेचने का लिमिट आर्डर को प्लेस करते है, तो एंटर की गई लिमिट मूल्य करंट मार्किट मूल्य से ऊपर होनी चाहिए।
  • उदाहरण के लिए, अगर CMP 100 की है, तो खरीदने का लिमिट आर्डर को 100 (95,99 आदि) से नीचे रखना चाहिए, और बेचने का लिमिट आर्डर को 100 (101,108 आदि) से ऊपर रखाना चाहिए।
अगर ऊपर बताये हुए नियम का पालन नहीं किया जाता है, तो लिमिट आर्डर मार्किट आर्डर के तरह एक्सेक्यूट हो जाएगा।

मार्किट आर्डर एक तरह का आर्डर है जिस में कॉन्ट्रैक्ट को एक मार्किट मूल्य पर खरीदते या बेचने का आर्डर प्लेस करते है। आर्डर को प्लेस करते समय मूल्य को बताना नहीं पड़ता है।

खरीदने का मार्किट आर्डर उस मूल्य पर एक्सेक्यूट किया जाता है जिस पर बेचनेवाला बेचने के लिए तैयार होता है और बेचने का मार्किट आर्डर उस मूल्य पर एक्सेक्यूट होता है जिस पर खरीदार खरीदने के लिए तैयार होता है।

मार्केट ऑर्डर का फायदा यह है कि ऑर्डर निश्चित रूप से मार्किट जो भी रेट चल रहा है उस पर एक्सेक्यूट हो जाएगा, हालांकि, ट्रेडर थोड़ा घाटा कर सकता है या थोड़ी कम कीमत पर बेच सकता है। (यानी स्लिपेज)

नोट:
  • 0 पर एंटर लिमिट आर्डर काइट पर रिजेक्ट कर दिया जाएगा (पहले, इन ऑर्डर्स को मार्किट आर्डर के रूप में एक्सेक्यूट किया जाता था)
  • आर्डर को केवल 25 बार तक ही बदला जा सकता है।