Search for an answer or browse help topics to create a ticket
View all categories

Why is the cut-off price higher for retail OFS orders?

(हिंदी में पढ़ें)

The orders for an Offer For Sale (OFS) issue are collected over a two-day period. 

The first day is reserved for Institutional and HNI orders (bids above Rs. 2 lacs). All retail bids are placed on the second day of the issue. Based on the bids received on the first day of the issue, a cut-off price is determined for the second day. The new cut-off price becomes the floor price for retail bids. 

The cut-off price for retail bids can be the same as the institutional bids in case of lower demand for the OFS. On the other hand, a strong institutional demand can result in a significantly higher cut-off price for retail. Learn more.

Note: Individual and HUF bids (worth less than Rs. 2 lacs) are considered retail bids.


ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू ऑर्डर के दो दिन की अवधि में जमा किए जाते हैं।

पहला दिन संस्थागत और HNI ऑर्डर (2 लाख रुपये से ऊपर की बोली) के लिए आरक्षित है। सभी रिटेल बोलियां इशू के दूसरे दिन रखी जाती हैं। इशू के पहले दिन प्राप्त बोलियों के आधार पर दूसरे दिन के लिए कट-ऑफ मूल्य निर्धारित किया जाता है। नई कट-ऑफ कीमत रिटेल बोलियों के लिए न्यूनतम मूल्य बन जाती है।

रिटेल बोलियों के लिए कट-ऑफ मूल्य OFS की कम मांग के मामले में संस्थागत बोलियों के समान हो सकता है। दूसरी ओर, एक मजबूत संस्थागत मांग के परिणामस्वरूप रिटेल के लिए काफी अधिक कट-ऑफ मूल्य हो सकता है। और अधिक जानें

नोट: इंडिविजुअल और HUF की बोलियां (जो २ लाख के निचे है) रिटेल बोली मानी जाती है.